
धर्म डेस्क: इस साल चैत्र नवरात्रि का शुभ आरम्भ 29 मार्च से होने जा रहा है. मां दुर्गा के भक्त नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव को धूमधाम से मनाने के लिए तैयारियां कर रहे हैं. साल में चार नवरात्रि मनाई जाती है. आगामी नवरात्रि चैत्र होगी, जो चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तिथि तक मनाई जाएगी. इस दौरान, भक्त मां दुर्गा और उनके नौ अवतारों–नवदुर्गाओं की पूजा करते हैं.
देवी मां को यह फूल चढ़ाना है वर्जित
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार नवरात्रि में देवी मां के चरणों में किसी भी तरह का फूल चढ़ाने की जगह, अगर आप उन फूलों को देवी मां को अर्पित करेंगे, जो उनको बहुत प्रिय है तो माता आपकी मनोकामना पूरी करेंगी.नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की आराधना की जाती है. मां दुर्गा को गुड़हल का पुष्प, जो की अलग-अलग रंगों में आता है उसको आप चढ़ा सकते हैं. मदार का पुष्प आपको मां दुर्गा को नहीं चढ़ाना है. इन दिनों में मां के भक्त उनको प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद पाने के लिए मां का पूजन-अर्चन, भोग और आरती करते हैं. इन नौ दिनों की पूजा में बाकी पूजन सामग्री की तरह ही फूल अर्पित किये जाने का भी खास महत्त्व है.
दुर्गा देवी का प्रिय पुष्प
दुर्गा देवी मां का प्रिय पुष्प गुड़हल है. गुड़हल के फूल फूल में नवग्रह का वास होता है.इसलिए यह फूल चढ़ाने से नवग्रह सहित भक्तों पर देवी मां को
की असीम अनुकंपा होती हैं. देवी पुराण के अनुसार, मां दुर्गा पर गुड़हल का पुष्प चढ़ाना बहुत लाभदायक है. गुड़हल के पुष्प में मां दुर्गा का विशेष वास माना जाता है.
गुड़हल का पुष्प में होता है नवग्रह का वास
पुष्प के हरे भाग में बुध और केतू का प्रतिनिधित्व माना गया है. केसरिया भाग में मंगल का प्रतिनिधित्व होता है. रक्त वर्ण रंग में सूर्य का प्रतिनिधित्व माना जाता है. पुष्प के अंकुरण पर गुरु का वास माना गया है. अंकुरण के मध्य भाग में राहु और अंतिम भाग में शनि का वास होता है. पुष्प के बीज भाग में चन्द्रमा का वास माना गया है.
