
पूर्णिया:अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् का तीन दिवसीय 66 वां प्रांतीय अधिवेशन स्थानीय कला भवन में रविवार से शुरु हो गया.अधिवेशन का उद्घाटन पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल प्रदीप चंद्रा नायर ने किया.यह अधिवेशन 29 से 31 दिसंबर तक चलेगा.इस प्रांतीय सम्मेलन में भाग लेने सूबे के 36 जिलों के हजारों एबीवीपी कार्यकर्ता और संगठन से जुड़े शिक्षक पहुंचे हैं.इस कार्यक्रम में संगठन के वक्ताओं ने राष्ट्र निर्माण में एबीवीपी की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की गई.
चिकेन नेक सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण:नायर
इसके अलावा विविध में व्याप्त शैक्षणिक अराजकता, बांग्लादेशी घुसपैठ, सामाजिक-राष्ट्रहित आदि मुद्दों पर गहन चर्चा की गई.
इस मौके पर पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल प्रदीप चंद्र नायर ने कहा कि बांग्लादेश में जब से सत्ता परिवर्तन हुआ है. चीन और पाकिस्तान उसका फायदा उठाने में लगे हैं. चीन साजिश में है कि वह भविष्य में चिकन नेक को काटकर पूर्वोत्तर के राज्यों को शेष देश से अलग करें.इसके लिए सरकार को अभी से ही सजग होने की जरूरत है.उन्होंने कहा कि करीब 28 किलोमीटर लंबा चिकध नेक एक सामरिक दृष्टिकोण से हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण है.
राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण: डा ए के गुप्ता
कार्यक्रम के स्वागत समिति के अध्यक्ष के गुप्ता ने कहा कि भारतीय विद्यार्थी परिषद देश का बड़ा संगठन बन गया बन गया है.इस संगठन में करीब 55 लाख युवा इसके कार्यकर्ता है और अपनी ज्ञान, शील, एकता से राष्ट्र निर्माण की दिशा में कार्य कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि देश का निर्माण युवाओं से ही होता है. इसलिए उनके ऊपर देश की बड़ी जिम्मेदारी है.कार्यक्रम से एबीवीपी कार्यकर्ताओं में काफी जोश हुआ उत्साह है.
