
पूर्णिया: लोक आस्था के महापर्व के मद्देनजर बिहार के पूर्णिया व कसबा के छठ घाटों पर आज महापर्व के तीसरे दिन अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया गया.छठ पर्व के मद्देनजर सिटी सौरा नदी,छठ पोखर, छठ तालाब पंचमुखी हनुमान मंदिर सहित तमाम घाटों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है.अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अर्घ्य के साथ व्रती महिलाओं के साथ ही उनके परिवारजनों ने भी छठ मइया का विधिवत पूजन-अर्चन किया. इस दौरान व्रती महिलाएं गीतों के माध्यम से माहौल को भक्तिमय बना दिया.
कसबा महाबीर चौक छठ घाट में दिखा विहंगम दृश्य
कसबा छठ धाम समिति की ओर से महाबीर चौक स्थित छठ घाट को पूर्व की भांति बेहद ही आकर्षक ढंग से सजाया गया था.यहां सात घोड़ों पर सवार सूर्यदेव की बेहद ही आकर्षक प्रतिमा स्थापित की गयी थी.घाट का मुख्य द्वार भी बहुत ही आकर्षक बनाया गया था.जिसका विधिवत उद्घाटन कसबा नगर परिषद् के डिप्टी चेयरमैन सुभाष कुमार,डा अभिनंदन कुमार आदि ने फीता काट कर किया.
दोपहर बाद से ही घाटों पर पहुंचने लगे थे लोग
छठ घाटों पर दोपहर बाद से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था. व्रती के साथ परिवार के लोग गुरुवार दोपहर बाद तीन से बजे से घाटों पर पहुंचने लगे थे. यह सिलसिला अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने तक चलता रहा. पुरुष सिर पर टोकरी में लिए पूजन सामग्री के साथ घाटों पर पहुंचे, जबकि कलश पर जलते दीपक के साथ व्रती महिलाएं नंगे पैर छठ मइया के गीत गाते हुए घाट पर पहुंचीं. सूर्य उपासना के इस महापर्व पर छठ मइया के जयकारे से पूरा वातावरण गूंज रहा था. दंडी छठव्रती अपनी मन्नतों के चलते घर से लेट कर घाटों तक पहुंचे. सूर्यास्त का समय होते ही छठ व्रती पानी में खड़े होकर भगवान सूर्य की आराधना करने लगे. इसके बाद डूबते सूर्य को जल और दूध से अर्घ्य अर्पित किया. इस दौरान घाटों पर युवाओं और बच्चों में भी गजब का उत्साह देखा गया.
छठ गीतों से भक्तिमय बना माहौल
इस दौरान पारंपरिक छठ गीतों उग हो सुरुज देव..,पहिले पहिले कइनी छठ…, मारबउ रे सुगवा धनुष से.., कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाए.., छठि मइया होइह सहाय.. से माहौल भक्तिमय बना रहा. शुक्रवार सुबह उदयीमान सूर्य को अर्घ्य देकर 36 घंटे के निर्जला व्रत के बाद पारण किया जाएगा. इसके साथ ही चार दिवसीय छठ व्रत पूरा हो जाएगा.
छठ में एकबार फिर छायी रही शारदा सिन्हा
पूरे बिहार सहित देश दुनिया में लोक आस्था का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है.ऐसे में मशहूर लोक गायिका शारदा सिन्हा के छठ गीतों के बिना यह त्योहार का माहौल अधुरा ही माना जाता है.लिहाजा हर घरों व घाटों पर शारदा सिन्हा के छठ गीतों से गुंजायमान हो रहा था.ऐसा प्रतीत हो रहा था मानों अभी वह जीवित है और लाइव गीत गा रही है.बता दें कि बिहार की स्वर कोकिला शारदा सिन्हा का निधन छठ पर्व के पहले दिन यानि नहाय-खाय के दिन हो गया था.
