
Bihar education: अपर मुख्य सचिव (ACS) केके पाठक को शिक्षकों की छुट्टियों से चिढ़ है. वे लगातार उनकी छुट्टियों पर वार करते रहे हैं. पिछले साल उन्होंने कई पर्व-त्यौहारों की छुट्टियां खत्म कर दी थीं. होली की छुट्टी में शिक्षकों को आवासीय प्रशिक्षण के लिए बुलाया. उन्हें इस बात की भी परेशानी है कि शिक्षक ज्यादा छुट्टी लेते हैं. उन्हें अवकाश देने में सावधानी बरतने की सलाह शिक्षा विभाग प्रधानाध्यापकों को दे चुका है. अब उन्होंने शिक्षकों की गर्मी की छुट्टी पर भी कैंची चला दी है. इसी साल जनवरी 2024 में केके पाठक ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिख कर कहा था कि शिक्षकों में अवकाश लेने की मनोवृत्ति बढ़ती जा रही है.इस पर अंकुश लगाने की जरूरत है. सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया जाए कि वे एक साथ कई शिक्षकों को अवकाश न दें.
गर्मी छुट्टी पर चली कैंची
बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को शनिवार (30 मार्च 2024) को एक पत्र जारी किया गया है. पत्र में निर्देश दिया गया है कि पांचवीं और आठवीं के कमजोर छात्रों के विशेष शिक्षण की व्यवस्था स्कूलों में कराएं. इनमें वैसे छात्रों को शामिल करें, जो कमजोर हैं और जिनकी उपस्थिति स्कूलों में कम रही है. ये कक्षाएं पहली अप्रैल 2024 से 25 मई 2024 तक चलेंगी. वहीं अप्रैल महीने की 15 तारीख से गर्मी की छुट्टी शुरू हो रही है. इसका मतलब साफ है कि प्राथमिक और मिडिल स्कूलों में इस बार गर्मी की छुट्टी नहीं होगी. शिक्षकों की मानें, तो गर्मी की छुट्टी 15 अप्रैल से 15 मई तक कर दी गई है. पहले ये छुट्टी जून महीने में होती थी. उस हिसाब से भी देखें, तो 10 दिनों की गर्मी की छुट्टी में विशेष कक्षा में चली जाएगी.
पत्र में क्या लिखा है
परिषद के पत्र में कहा गया है कि वार्षिक परीक्षा 2023-24 में असफल और अनुपस्थित छात्र-छात्राओं के लिए विशेष शिक्षण और पूरक परीक्षा का आयोजन कराया जाएगा. इसमें मिशन दक्ष के बच्चे भी शामिल होंगे. विशेष शिक्षण कार्यक्रम पहली अप्रैल 2024 से 25 मई 2024 तक चलेगा. पत्र की प्रतिलिपि विद्यालय अवर निरीक्षक और सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को भी भेजी गई है. उन्हें इस आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है.
